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Jaat History In Hindi

Jaat History In Hindi  1. शिव से जाट की उत्पत्ति एक अन्य पौराणिक मान्यता के अनुसार शिव की जटाओं से जाट की उत्पत्ति मानी जाती है। यह सिद्धान्त देव संहिता में उल्लेखित है। देव संहिता की इस कहानी में कहा गया है कि शिव के ससुर राजा दक्ष ने हरिद्वार के पास कनखल में एक यज्ञ किया था। सभी देवताओं को तो यज्ञ में बुलाया पर न तो महादेवजी को ही बुलाया और न ही अपनी पुत्री सती को ही निमंत्रित किया। शिव की पत्नि सती ने शिव से पिता के घर जाने के लिये पूछा तो शिव ने कहा- तुम अपने पिता के घर बिना बुलाये भी जा सकती हो, सती जब पिता के घर गयी तो वहां शिव के लिये कोई स्थान निर्धारित नहीं था, न उनके पति का भाग ही निकाला गया है और न उसका ही सत्कार किया गया। उलटे शिवजी का अपमान किया और बुरा भला कहा गया। अपने पति का अपमान देखकर, पिता तथा ब्रह्मा और विष्णु की योजना को ध्वस्त करने के उद्देश्य से उसने यज्ञ-कुण्ड में छलांग लगा कर प्राण दे दिये। इससे क्रुद्ध शिव ने अपने जट्टा से वीरभद्र नामक गण को उत्पन्न किया। वीरभद्र ने जाकर यज्ञ को भंग कर दिया. आगन्तुक राजाओं का मानमर्दन किया। ब्रह्मा और विष्णु को य

rajaram jaat history in Hindi

Rajaram Jaat History In Hindi जन्म :  1670 मृत्यु : 1688 उत्तराधिकारी : चूड़ामन पूर्वज : गोकुल सिंह राजाराम जाट वो हिन्दू शेर हैं, जिसने अकबर की कब्र खोदकर अस्थियां जला डाली थी। भारत में औरंगज़ेब का शासन चल रहा था और हिन्दुओं का जीना मुश्किल हो गया था। औरंगज़ेब, जिसने अपने पिता को ही कैद कर लिया था, जिसने तख्त के लिए अपने भाइयॊं को ही मार दिया था वह भारत के हिन्दुओं को कैसे शांति से जीने दे सकता था? हिन्दुओं पर औरंगज़ेब के अत्याचार दिन प्रतिदिन बढ़ते ही जा रहे थे। औरंगज़ेब से लोहा लेने एक वीर बहादुर जाट तैयार हो गया जिसका नाम था राजाराम जाट । राजाराम जाट, भज्जासिंह का पुत्र था और सिनसिनवार जाटों का सरदार था। वह बहुमुखी प्रतिभा का धनी था, वह एक साहसी सैनिक और विलक्षण राजनीतिज्ञ था। उसने बड़ी चतुराई से जाटों के दो प्रमुख क़बीलों-सिनसिनवारों और सोघरियों (सोघरवालों) को आपस में मिलाया। राजाराम ने सिनसिनवार जाटों का, रामकी चाहर की अध्यक्षता में, सोगरिया जाटों के साथ-साथ जिनके पास सोगर का किला था, संगठन किया। उसने बन्दूकों का संग्रह किया और जंगलों में कच्चे दुर्ग बनाकर छावनियां कायम कीं